खूंटी। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाकर थक चुके ग्रामीणों ने आखिरकार सड़क निर्माण के लिए 'ऊपरवाले' की शरण ली है। खूंटी जिले के घाघरा क्षेत्र में गुरुवार को ग्रामीणों ने बिचना-बांधटोली सड़क पर बाकायदा पूजा-अर्चना कर सड़क की जर्जर हालत सुधारने की मन्नत मांगी। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें केवल भगवान से ही उम्मीद बची है, शायद उन्हीं की कृपा से सरकार और प्रशासन की नींद टूटेगी।
सखुआ पत्तों पर चढ़ाई सिरनी, 'सिंगबोंगा' से लगाई गुहार
बिचना से बांधटोली तक फैली इस लगभग 5.5 किलोमीटर लंबी बदहाल सड़क पर बांधटोली मोड़ के पास पाहन रॉकन और पुजारी छत्रपाल नाथ कर की अगुवाई में पूजा-विधान संपन्न हुआ। सड़क के बीचों-बीच अगरबत्ती जलाकर सखुआ के पत्तों पर सिरनी और फूल अर्पित किए गए। ग्रामीणों ने 'सिंगबोंगा' (इष्टदेव) तथा ग्राम देवताओं से जल्द-से-जल्द सड़क की मरम्मत कराने की प्रार्थना की। लगभग 15 मिनट तक चले इस अनोखे विरोध/पूजा कार्यक्रम में घाघरा और गानालोया गांव के निवासियों के साथ-साथ वहां से गुजर रहे राहगीर भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले एक साल से अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क मरम्मत की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। पहले यह सड़क अच्छी स्थिति में थी। हालांकि, खूंटी-सिमडेगा मार्ग पर पेलौल के पास बनई नदी का पुल टूटने के बाद भारी वाहनों का रूट इसी मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया।
श्रमदान भी रहा बेअसर, आखिरी उम्मीद 'भगवान'
प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर पूर्व में घाघरा ग्रामसभा की बैठक के बाद ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान करके सड़क के कुछ हिस्सों को गड्ढा-मुक्त करने की कोशिश की थी। इसके अलावा आवेदन पर आवेदन भी दिए गए, पर नतीजा शून्य रहा। थक-हारकर ग्रामीणों ने ईश्वर से प्रार्थना करने का फैसला लिया।
वर्तमान में सड़क पर दो से तीन फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जो बारिश के मौसम में पानी से भर जाते हैं। इसके चलते रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं और स्कूली बच्चों समेत आम लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी नेशनल हाईवे-20 (रांची-चाईबासा मार्ग) पर सांडीगांव के पास जर्जर सड़क के विरोध में ग्रामीणों ने मुर्गी की बलि देकर पूजा की थी। अब घाघरा के ग्रामीणों का यह अनोखा कदम शासन-प्रशासन के प्रति उनकी गहरी नाराजगी और लाचारी को दर्शाता है। इस अनोखे पूजा-प्रदर्शन में पंचायत समिति सदस्य रोशन लाल गौंझू, ग्राम प्रधान फागू मुंडा, ग्राम सचिव प्रसुन्न कुमार मांझी, टूना मुंडा, शिव कुमार महतो, ओंगा मुंडा, चैतू मुंडा, भंवरा महतो, जेठू कुम्हार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष मौजूद थे।
