​रांची।​नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा प्रदेश कार्यालय के घेराव कार्यक्रम के दौरान राजधानी का हरमू रोड अचानक राजनीतिक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया।

​शुरुआत में दोनों पक्षों की ओर से जोरदार नारेबाजी हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की, अंडेबाजी, टमाटर और पत्थरबाजी में बदल गई। उपद्रवियों द्वारा डंडों का भी इस्तेमाल किया गया। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर तैनात पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा और उपद्रवियों पर लाठीचार्ज कर माहौल को नियंत्रित किया गया।


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​प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी और नारेबाजी देखने को मिली।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए "सत्ता चोर, चंदा चोर, गद्दी छोड़" के नारे लगाए।जवाब में भाजपा समर्थकों ने "राहुल गांधी चोर है" और "पप्पू है" जैसे नारे लगाए।

​कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था, जिसे बिगाड़ने के लिए भाजपा समर्थकों ने अंडे, टमाटर और पत्थर फेंके। घेराव के दौरान कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में तीन प्रमुख मांगें रखीं। जिनमें ​केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने,

​दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों एवं युवाओं पर लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के छात्रों और युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग शामिल हैं।

​ आज संभावित झड़प की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने भाजपा प्रदेश कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया था। हरमू रोड पर जगह-जगह मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी। ​हंगामे के दौरान सदर एसडीओ कुमार रजक सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। जैसे ही स्थिति बेकाबू होने लगी, पुलिस ने तुरंत लाठीचार्ज कर दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लिया।