रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया है। इस संबंध में आयोग ने बुधवार को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अभ्यर्थियों को जानकारी दी है।
विज्ञापन संख्या-01/2026 के तहत यह मुख्य (लिखित) परीक्षा 25 जुलाई, 26 जुलाई और 27 जुलाई 2026 को रांची जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जानी थी।
आयोग द्वारा राज्य सरकार से प्राप्त आदेश और परीक्षा संचालन में हुई गड़बड़ी के कारण अपरिहार्य परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षा स्थगित करने का यह फैसला लिया गया है।
राज्यपाल ने जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते का इस्तीफा स्वीकार किया
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर मचे बवाल और सीआईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते के इस्तीफाको राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को स्वीकार कर लिया।
परीक्षा में हुई अनियमितताओं के आरोपों और अभ्यर्थियों के उग्र विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार को सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी। इस दौरान अधिकारियों से कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई। प्रशासनिक दबाव और जांच की आंच के बीच अध्यक्ष एल. खियांगते ने मंगलवार की देर रात ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
वर्ष 1988 बैच के वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी एल. खियांगते जेपीएससी अध्यक्ष बनने से पहले झारखंड के मुख्य सचिव रह चुके थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष का प्रभार संभाला था। उनका कार्यकाल 25 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित था, लेकिन परीक्षा विवाद और बढ़ते जनाक्रोश के कारण उन्हें समय से पहले ही पद छोड़ना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेपीएससी में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू हुई।
सीआईडी जांच के दायरे में कई बड़े नाम और एजेंसियां आई हैं।जांच टीम जेपीएससी की उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, अन्य कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसी के स्टाफ सहित आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।परीक्षा कार्यों में शामिल एजेंसी 'टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड' (टीडीपीएल) के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई है। इस एजेंसी के निदेशक सतपाल सिंह और रणवीर सिंह बताए जा रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जेएसएससी ने 20 मई 2025 को ही परीक्षाओं में अनियमितता के चलते टीडीपीएल को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद, जेपीएससी में न केवल इस एजेंसी से परीक्षा का संचालन कराया जा रहा था, बल्कि आठ प्रकार के सभी संवेदनशील काम इसी एक एजेंसी को सौंप दिए गए थे।जबकि, इससे पहले अलग-अलग काम अलग-अलग एजेंसियों से कराए जाते थे।फिलहाल सीआईडी और रांची पुलिस की टीम हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है।
