कोडरमा। पश्चिम बंगाल में हुए विस्फोटक हादसे के तार झारखंड से जुड़ते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने गुरुवार सुबह कोडरमा में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पश्चिम बंगाल से पहुंची एनआईए की टीम ने जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र के नवादा मौजा स्थित एक मैगजीन और बटडीहा स्थित आवास पर तड़के 4 बजे दबिश दी। इस कार्रवाई में मैगजीन संचालक शंकर यादव और उसके सहयोगी महेश कुमार मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एनआईए को कोडरमा में अवैध रूप से विस्फोटक के भंडारण और सप्लाई की गुप्त सूचना मिली थी। सुबह-सुबह हुई इस बड़ी कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस की टीम भी मौके पर मुस्तैद रही।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला और कई संदिग्ध कागजात अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद शंकर यादव को गिरफ्तार कर कोडरमा थाना लाया गया, जहां उससे सघन पूछताछ की जा रही है। एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध विस्फोटक का यह नेटवर्क कहां-कहां तक फैला है और इसमें कौन-कौन शामिल हैं।
मामले की पुष्टि करते हुए कोडरमा के एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि एनआईए ने मैगजीन संचालक शंकर यादव के साथ डोमचांच थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी उसके सहयोगी महेश कुमार मेहता को भी गिरफ्तार किया है। एसपी के अनुसार इस पूरे गिरोह के तार पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से जुड़े हुए हैं।
यह पूरी कार्रवाई 2024 में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा (साल्टोरा) में हुए एक बड़े हादसे से जुड़ी है। वहां साल्टोरा में अवैध खनन के लिए मोटरसाइकिल से डायनामाइट ले जाते समय जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। फिलहाल बताया जा रहा है कि उस समय भी शंकर यादव को बांकुड़ा बुलाया गया था, लेकिन वह मामले को रफा-दफा कर लौट आया था। अब कोलकाता से मिले ताज़ा इनपुट के आधार पर एनआईए ने यह बड़ी कार्रवाई की है। की टीम नवलशाही स्थित मैगजीन पर मौजूद है और अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
