रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित शासी परिषद की बैठक में रिम्स के ढांचागत और चिकित्सीय सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में 19 मुख्य एजेंडों और 5 अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मरीजों की सुविधा और इलाज में बड़े बदलाव
200 नए वेंटिलेटर: मरीजों की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए 200 नए अत्याधुनिक वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे। जिन मशीनों के टेंडर पूरे हो चुके हैं, उनके खरीद आदेश तत्काल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
रोबोटिक सर्जरी: रिम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
हाईटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर: अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक और हाईटेक बनाया जाएगा। साथ ही, रिम्स के सभी शौचालयों को एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक और स्वच्छ बनाने के लिए एक महीने की समय-सीमा तय की गई है।
नया ऑर्थोपेडिक वार्ड: जर्जर ढांचे को हटाकर ऑर्थोपेडिक विभाग के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया वार्ड बनाया जाएगा। अस्पताल के फर्श और भवनों के तकनीकी निरीक्षण के बाद आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
हेल्प डेस्क: मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 15 सहायकों के साथ एक आधुनिक हेल्प डेस्क स्थापित होगा।
शिक्षा और अनुसंधान का नया मॉडल
स्मार्ट क्लासरूम और सीटें
रिम्स में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 250 हो गई हैं। इसके मद्देनजर नए भवनों, हॉस्टलों और आधारभूत संरचना के विस्तार का तकनीकी आकलन कराया जाएगा। मेडिकल शिक्षा को डिजिटल बनाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे।
पीपीपी मॉडल पर हॉस्टल
रिम्स के सभी यूजी और पीजी हॉस्टलों के बेहतर संचालन के लिए उन्हें पीपीपी मॉडल पर चलाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू होगी।
रिहैबिलिटेशन सेंटर: मरीजों के समग्र उपचार और रिकवरी के लिए एक नया रिहैबिलिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा।
ऑन्कोलॉजी विभाग के लिए रेडियोथेरेपी मशीन की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और अतिरिक्त बजट स्वीकृति के लिए प्रस्ताव कैबिनेट भेजने का निर्णय लिया गया।बच्चों में आनुवंशिक बीमारियों की पहचान के लिए जेनेटिक स्क्रीनिंग को मजबूत किया जाएगा। स्टेम सेल संरक्षण के लिए पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी के चयन पर विचार हुआ।थैलेसीमिया मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने और ब्लड बैंक को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अस्पताल के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यकतानुसार हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स को केवल इलाज का केंद्र न बनाकर उत्कृष्ट चिकित्सा और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा का राष्ट्रीय मॉडल बनाया जाएगा। उन्होंने सभी निर्णयों को तय समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारने के सख्त निर्देश दिए।
इस बैठक में विधायक सुरेश बैठा, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स के निदेशक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, और अपर निदेशक डॉ. बाघमारे कृष्ण प्रसाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
