​रांची। झारखंड में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड और पिरामल फाउंडेशन के बीच मंगलवार को तीन वर्षीय गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

​इस समझौते के तहत पिरामल फाउंडेशन राज्य के स्वास्थ्य मिशन को कई प्रमुख क्षेत्रों में तकनीकी और फील्ड सहयोग प्रदान करेगा। इसमें मुख्य रूप से मातृ स्वास्थ्य व मातृत्व सुरक्षा, बाल स्वास्थ्य, प्रोक्योरमेंट, वित्त, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मानव संसाधन और कम्युनिकेबल डिजीजेज शामिल हैं। कम्युनिकेबल डिजीज कार्यक्रम के अंतर्गत ट्यूबरकुलोसिस (टीबी), कालाजार, फाइलेरिया और मलेरिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

​तकनीकी सहायता के अलावा, पिरामल फाउंडेशन राज्य के 11 लक्षित जिलों में फील्ड इंप्लीमेंटेशन को मजबूत करेगा। इसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों, ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस और सहिया दीदियों के माध्यम से चलाए जा रहे आउटरीच कार्यक्रमों को गति दी जाएगी। यह समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आगे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।

​एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि यह साझेदारी झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता को बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को तकनीकी और मैदानी स्तर पर सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर पिरामल फाउंडेशन के सीईओ अक्षत शुक्ला सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।