रांची। झारखंड में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का संकट गहरा गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ हुई लंबी बैठक के बाद भी सहमति नहीं बन पाई। सरकार और संघ के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई, लेकिन मुख्य मांग पर पेंच फंसने के कारण कर्मचारियों ने 21 अक्टूबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
बैठक में 20 बर्खास्त कर्मचारियों को वापस काम पर लेने का फैसला हुआ। मंत्री ने 15 कर्मचारियों को तुरंत और बाकी पांच को अगले दिन से ड्यूटी पर बहाल करने का निर्देश दिया।जुलाई 2026 से लंबित वेतन और अन्य देनदारियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति दस्तावेजों, वाउचर और ईपीएफ-ईएसआई आंकड़ों का मिलान करेगी।
संघ की मुख्य मांग थी कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से किया जाए, जिस पर सहमति नहीं बन सकी। इसी बात पर मामला उलझ गया।छठ पर्व के बाद नई एजेंसी को सेवा की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला हुआ।
शुक्रवार को नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में हुई बैठक के बाद शुरुआत में हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की गई थी। हालांकि, झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने बाद में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि हड़ताल केवल 16 अक्टूबर के लिए स्थगित की गई थी। सभी मांगें पूरी न होने के कारण कर्मचारी अब 21 अक्टूबर से दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
