रामगढ़। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत माता रूपी सोरेन का दशकर्म शनिवार को उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़ जिला) में संपन्न हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के अनुरूप सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भोजन परोसने की पारंपरिक रस्म निभाई और अपनी दिवंगत मां को भावपूर्ण स्मरण कर नमन किया। नेमरा में रविवार को संस्कार भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
संस्कार भोज के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र को 13 सुपर जोन और 42 सब-जोन में बांटा गया है। हर सुपर जोन की कमान एक आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है, जबकि सब-जोन की जिम्मेदारी डीएसपी स्तर के अधिकारियों के पास होगी। नेमरा में रविवार के संस्कार भोज से लेकर 19 अक्टूबर की सुबह तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए 10 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई आईएएस और एसएएस अधिकारियों को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
आम लोगों और वीआईपी मेहमानों की आवाजाही को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।नेमरा से करीब पांच किलोमीटर पहले 'लूकैयाटांड' में तीन पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। वहां से लोगों को गांव तक पहुंचाने के लिए 250 से 300 टोटो और ऑटो की व्यवस्था की गई है।
मंत्रियों, विधायकों और अन्य वीआईपी के वाहनों हेतु धुमकुड़िया और मोबाइल टावर के पास अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
आंगनवाड़ी केंद्र और हेलीपैड की बैरिकेडिंग कर दी गई है, साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर हेलीपैड पर अग्निशमन वाहन भी तैनात किए गए हैं।
