​रांची। झारखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर हमला बोला है। प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चौपट हो गई हैं, जहां "मंत्री रील बनाने में मस्त हैं, मरीज इलाज के लिए त्रस्त हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था पस्त है।"

​भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कर्मचारियों और डॉक्टरों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी।

​उन्होंने कहा कि करीब 2,000 ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन जुलाई से बकाया मानदेय, ईपीएफ, ईएसआईसी और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं, जिससे लगभग 500 एंबुलेंस का संचालन ठप हो सकता है।

डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए 'मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करने, डीएसीपी और नियमित नियुक्तियों जैसी मांगों को लेकर 10 चिकित्सा संगठनों ने संयुक्त मोर्चा खोला है। डॉक्टर 20 अक्टूबर तक काला बिल्ला लगाकर विरोध कर रहे हैं, 21 अक्टूबर को सांकेतिक आंदोलन होगा और मांगें न माने जाने पर 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री को विभाग से कोई मतलब नहीं है और उन्होंने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।