रांची। चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाकपा झारखंड राज्य परिषद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने और मतदाता सूची से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की है। इसके विरोध में पार्टी 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे राज्य में विरोध सप्ताह मनाएगी।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी झारखंड राज्य परिषद ने पांच प्रमुख वाम दलों (सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआई-एमएल लिबरेशन,एआईएफबी और आरएसपी) के संयुक्त बयान का पूर्ण समर्थन किया है। एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए वाम दलों ने दावा किया कि आयोग के तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और पुनरीक्षण के फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं, जिन्हें दरकिनार कर दिया गया। भाकपा की मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने,एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे और हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाएं। चुनाव आयोग के स्वतंत्र और लोकतांत्रिक कामकाज को बहाल किया जाए।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित समिति (प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश) की प्रणाली लागू की जाए।
भाकपा झारखंड राज्य परिषद के अनुसार, केंद्रीय आह्वान पर 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे झारखंड में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 28 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह और 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। पार्टी ने राज्य के सभी गैर-भाजपा, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक दलों, नागरिक समाज और नागरिकों से इस 'लोकतंत्र बचाओ आंदोलन' में शामिल होने की अपील की है।
एसआईआर के नाम पर मताधिकार से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: कांग्रेस
रांची। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है, और इसके नाम पर वास्तविक मतदाताओं के अधिकार छीने जाने को कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
आलोक दूबे ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा 24 सितंबर को उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हुए कांग्रेस, CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और उनके कार्यकाल के फैसलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग करती है। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर ही अन्य आयुक्तों ने एसआईआर प्रक्रिया पर कई बार आपत्तियां दर्ज की हैं, जो संस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। कांग्रेस महासचिव ने बताया कि एआईसीसी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च निकालेगी। आंदोलन के दूसरे चरण में जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब, आदिवासी, दलित, महिला व अन्य वर्गों के किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से कटना संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है, और कांग्रेस इसके खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ झारखंड में कल राजद का जिला स्तरीय प्रदर्शन,ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग
रांची। झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को गैर-पारदर्शी और असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मनमानी और आईटी सिस्टम में गैरकानूनी बदलाव करने का आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
कैलाश यादव ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत देश के 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 13.37 करोड़ (14%) मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिसमें दिल्ली में सर्वाधिक 33% और महाराष्ट्र में 21% नाम काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में SIR से प्रभावित 93% लोगों ने अपील में अपनी नागरिकता/वोटर पहचान साबित कर जीत हासिल की है, जो आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
इन अनियमितताओं के विरोध में कल, 26 सितंबर 2026 को झारखंड प्रदेश राजद की ओर से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा।
एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आइसा ने किया प्रदर्शन
रांची। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शुक्रवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर प्रतिवाद सभा आयोजित की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर 13 करोड़ से अधिक योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जो पूरी तरह लोकतंत्र विरोधी है। उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और एसआईआर के बाद हुए चुनावों को रद्द किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर नागरिक प्रतिवाद के दौरान गिरफ्तार किए गए भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा केंद्रीय अध्यक्ष नेहा, महासचिव प्रसेनजीत, योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।
सीजेपी ने मांगा मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा
रांची। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की झारखंड प्रदेश इकाई ने रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग और सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के रांची लोकसभा प्रभारी ईशान झा और मुख्य प्रवक्ता मोहम्मद परवेज खान ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सीजेपी पूरे देश और झारखंड के हर शहर व गांव में व्यापक जन-आंदोलन खड़ा करेगी। पार्टी ने एसआईआर को समाप्त करने तथा 2023 के संबंधित कानून को वापस लेने की भी मांग की है।
पार्टी पदाधिकारियों मोइन खान और खुशबू हांसदा ने चुनाव प्रक्रिया में हेराफेरी में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने के लिए महिलाओं को बड़े पैमाने पर लामबंद किया जा रहा है।
