​रांची। झारखंड में अब ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी और पारदर्शिता के लिए 'सुजलाम भारत' अभियान के तहत व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके जरिए राज्यभर की सभी पेयजल योजनाओं की जियो-टैगिंग और जीआईएस मैपिंग की जाएगी, जिससे जल स्रोत से लेकर घरों तक पानी आपूर्ति के पूरे ढांचे को डिजिटल मानचित्र पर देखा जा सकेगा।

​पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने इस दिशा में तैयारी तेज कर दी है। विभागीय इंजीनियरों और सुपरवाइजरों को आवश्यक ट्रेनिंग दी जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस महीने के अंत या अगले महीने की शुरुआत तक योजनाओं की मैपिंग पूरी कर ली जाएगी।

​'सुजलाम भारत' के तहत राष्ट्रीय डिजिटल रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक गाँव की जल प्रणाली को एक विशिष्ट पहचान दी जाएगी।पानी के स्रोत से लेकर नल कनेक्शन तक के बुनियादी ढांचे की स्थिति डिजिटल रूप में दर्ज होगी।बारिश, भूजल स्तर, जल की गुणवत्ता और आपूर्ति की नियमितता से जुड़े आंकड़े एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।

स्थानीय पंचायतों और नागरिकों को जल आपूर्ति की सीधी जानकारी मिलने से जवाबदेही तय होगी और सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा मिलेगा।

​पेयजल विभाग की प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट के चीफ इंजीनियर रियाज आलम ने बताया कि झारखंड में इस अभियान को धरातल पर उतारने का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।