​मेदिनीनगर। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं की गहन समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति की जान जाना अत्यंत दुखद है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि दुर्घटनाओं की मैपिंग के आधार पर अधिक जोखिम वाले स्थलों को चिह्नित कर उनके लिए अलग से विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।अगस्त 2026 में जिले में 20 सड़क दुर्घटनाएं हुई जिनमें 12 लोगों की मौत और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जनवरी से अगस्त तक जिले में कुल 239 सड़क दुर्घटनाओं में 172 लोगों की मृत्यु हो गई।जबकि155 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

​नियमों के उल्लंघन पर अगस्त माह में 67 चालान काटे गए, जिसके तहत ₹7,66,825 का जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई बिना लाइसेंस, शराब पीकर वाहन चलाने, बिना फिटनेस व परमिट, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट और बिना बीमा वाहन चलाने जैसे मामलों में की गई।

​अगस्त में 45 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। जनवरी से अगस्त तक कुल 1,690 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जिनमें सर्वाधिक 1,466 मामले बिना हेलमेट वाहन चलाने से जुड़े हैं।

बैठक में डुबियाखाड़, कंडा घाटी, लोहरा, पोखराहा और सतबरवा बाजार जैसे प्रमुख ब्लैक स्पॉट की समीक्षा की गई। इन स्थलों पर सड़क चौड़ीकरण, साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर, कन्वेक्स मिरर और बैरिकेडिंग जैसे आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

​उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रखने का आदेश दिया। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रमोद कुमार, कई एसडीपीओ तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे।