​रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सफलता पाने के बावजूद नियुक्ति पत्र न मिलने से अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में 'झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ' के बैनर तले आयोजित संयुक्त बैठक में स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (पीजीटी), एएनएम और माध्यमिक आचार्य परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और आयोग के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

​बैठक में अभ्यर्थियों ने आयोग और शासन की लेट-लतीफी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पीजीटी के 8 विषयों के 334 सफल अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम 10 फरवरी 2026 को जारी हुआ था। प्रमाण पत्रों का सत्यापन 18 और 24 फरवरी को पूरा होने के 8 महीने बीत जाने के बाद भी अंतिम परिणाम और नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है।

​एएनएम परीक्षा 2025 में कुल 3,600 सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन 18 से 26 मई 2026 के बीच हुआ था। 4 महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी अंतिम परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।

​माध्यमिक आचार्य परीक्षा 2025 में 877 सफल अभ्यर्थियों के कागजातों का सत्यापन 6 से 26 जून 2026 तक कराया जा चुका है, लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी इन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया।

​महासंघ के केंद्रीय सदस्य महेश सोरेन ने कहा कि हजारों अभ्यर्थी गरीब परिवारों से आते हैं, जिन्होंने वर्षों की कठिन मेहनत के बाद सफलता हासिल की है। सरकार और आयोग की सुस्ती के कारण उनका भविष्य अधर में लटका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी है तो सरकार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, लेकिन निर्दोष और सफल अभ्यर्थियों को बिना विलंब नियुक्ति पत्र सौंपे।

​नीलम कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सुशील पाण्डेय, प्रिया कुमारी, अमल कुमार पाण्डेय समेत दर्जनों पीड़ित अभ्यर्थी मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि जल्द नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।