रामगढ़। रामगढ़ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त गौरांग राय उर्फ गौरंग राय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही पीड़िता को 2 लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश दिया है।

अदालती अभिलेख के अनुसार, मामला सत्र वाद संख्या 100/2010 से संबंधित है। इसकी प्राथमिकी रामगढ़ थाना कांड संख्या 339/2009 के तहत 11 नवंबर 2009 को दर्ज की गई थी। घटना 10 नवंबर 2009 की बताई गई है। मामले में 9 जनवरी 2010 को चार्जशीट दाखिल की गई और 9 अगस्त 2010 को आरोप तय किए गए। अदालत ने 9 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया। अभिलेख में मामले की अवधि 16 वर्ष 6 महीने 18 दिन दर्ज है।

अदालत ने भारतीय दंड विधान की धारा 376-2(जी) और 386 के तहत गौरांग राय को दोषी ठहराया। दोषी की उम्र करीब 72 वर्ष दर्ज है। वह रामगढ़ थाना क्षेत्र के सौदागर मोहल्ला निवासी हरेंद्र राय का पुत्र बताया गया है।

मामले के अनुसार, नाबालिग पीड़िता अपने पिता के साथ बस से पटना से रांची जा रही थी। चुनाव के कारण बस को रामगढ़ में रोक दिया गया। इसके बाद पीड़िता और उसके पिता को मेन रोड स्थित सुभाष चौक के पास लाजवंती मार्केट के ऊपर होटल व्यू एंड विजन में रुकना पड़ा।

अभियोजन के अनुसार, होटल संचालक गौरांग राय और उसके अन्य साथियों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने गौरांग राय को दोषी करार दिया।

फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) को भी उपलब्ध कराई गई है। अदालत ने झारखंड पीड़ित प्रतिकर अधिनियम के तहत पीड़िता को उचित मुआवजा दिलाने के लिए डालसा सचिव अनिल कुमार को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।