रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन के बीच चल रहा गतिरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर करते हुए जयराम महतो ने पुलिस एसोसिएशन के रुख पर कड़ा एतराज जताया है और संघ के नेताओं पर भ्रष्टाचार व संगीन अपराधों में शामिल होने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
जयराम महतो ने अपनी पोस्ट की शुरुआत एक सख्त संदेश से करते हुए लिखा कि वे ईमानदार कर्मचारियों और अधिकारियों का सम्मान करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ उनकी लड़ाई "आर-पार" की होगी।
एसोसिएशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तंज कसते हुए विधायक ने कहा कि जो अपनी विधायकी दांव पर लगाकर चलता है, उसके खिलाफ कॉन्फ्रेंस करने से पहले कम से कम मीडिया के सामने बैठाए गए पदाधिकारियों का चरित्र साफ-सुथरा होना चाहिए।
महतो ने आरोप लगाया कि बोकारो जिले में एसोसिएशन द्वारा कराई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल आधे अधिकारियों के बैंक खाते ट्रेजरी घोटाले के मामले में सीआईडी द्वारा फ्रीज किए जा चुके हैं।
विधायक जयराम महतो ने पोस्ट में कुछ अधिकारियों का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाया।एक अधिकारी पर अपने बेटे की शादी के दौरान एक महिला की हत्या का आरोप।बोकारो के बालीडीह इलाके में एक अधिकारी द्वारा आदिवासी की जमीन हड़पने का दावा।एक अधिकारी पर रेलवे पदाधिकारी की पत्नी से जबरन संबंध बनाने और एक अन्य पर दो किलो मांस के विवाद में खून-खराबा करने का आरोप लगाया है। जमशेदपुर के एक कथित मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वह मामला सार्वजनिक हुआ, तो एसोसिएशन के "पांव तले जमीन खिसक जाएगी।" उन्होंने इसमें नार्को टेस्ट और पॉक्सो एक्ट का संकेत दिया है।
जयराम महतो ने कहा कि वे फिलहाल सभी संबंधित मामलों का डेटा एकत्र कर रहे हैं और जल्द ही खुद लाइव आकर या प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूरा सच जनता के सामने रखेंगे।
अंत में उन्होंने कर्तव्यनिष्ठ और निष्ठावान अधिकारियों व कर्मचारियों को 'जोहार' और 'नमस्कार' करते हुए अपना संदेश समाप्त किया। इस ताजा बयानबाजी के बाद पुलिस एसोसिएशन और विधायक के बीच का विवाद और गहराने के आसार नजर आ रहे हैं।
