रांची। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) में 30 नवंबर 2025 को धुर्वा स्थित जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए एकदिवसीय मैच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं, कॉम्प्लीमेंट्री पास के अवैध वितरण और टिकटों की कालाबाजारी का गंभीर मामला सामने आया है। जेएससीए के आजीवन सदस्य डॉ. श्याम बहादुर सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी),रांची को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत शिकायत सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच की मांग की है।
डॉ सिंह ने जेएससीए के सचिव सौरभ तिवारी, कोषाध्यक्ष अमिताभ घोष, उपाध्यक्ष व आधिकारिक टिकटिंग प्रभारी संजय पांडे तथा अन्य संबंधित अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए मेल के माध्यम से एसएसपी को लिखा है। मेल में कहा गया है कि बीसीसीआई संविधान (नियम 37(8)) और जेएससीए नियमावली (नियम 33(i)) के अनुसार, स्टेडियम की कुल क्षमता (39,500) का कम से कम 90% टिकट आम जनता के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध होना अनिवार्य है, जबकि कॉम्प्लीमेंट्री पास की सीमा अधिकतम 10% तय की गई है। आरोप है कि नियम उल्लंघन करते हुए लगभग 35% फ्री पास बांटे गए और जनता के लिए केवल 56% टिकट ही बेचे गए। इस कारण जेएससीए को करोड़ों रुपये का घाटा हुआ। एचईसी को लीज शर्त (5% गेट मनी) के तहत देय राशि में 10 लाख रुपये से अधिक की कमी की गई। भारत सरकार को लाखों रुपये के जीएसटी राजस्व का नुकसान हुआ।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने 3 जून 2026 से कई बार पत्राचार कर टिकटिंग और पास आवंटन का विवरण मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। अंततः 30 अगस्त 2026 को जेएससीए की आमसभा में जारी 2025-2026 के वार्षिक रिपोर्ट में वित्तीय आंकड़ों से इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
शिकायतकर्ता ने अपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, खातों में जालसाजी और आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust) के तहत तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। साथ ही ऑनलाइन/ऑफलाइन टिकट बिक्री डेटा, क्यू आर कोड/बार कोड स्कैनिंग डेटा, बैंक स्टेटमेंट, गेट कलेक्शन रिकॉन्सिलिएशन और सीसी टीवी फुटेज फुटेज को तुरंत जब्त कर फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
