रामगढ़। मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सह झारखंड आंदोलनकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड गठन के बाद से ही परिसीमन की मांग होती रही है। वर्ष 2005 में परिसीमन आयोग गठित होने के बावजूद झारखंड में परिसीमन लागू नहीं हो सका, जिसके कारण मूलवासी सदानों को लंबे समय तक न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित रहना पड़ा।

उन्होंने कहा कि अब परिसीमन को और टालना उचित नहीं होगा। झारखंड की वर्तमान आबादी और सामाजिक-भौगोलिक स्थिति के अनुरूप लोकसभा की सीटें 14 से बढ़ाकर 28 तथा विधानसभा की सीटें 81 से बढ़ाकर 160 की जाएं और विधान परिषद का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि परिसीमन के माध्यम से मूलवासी सदानों को उनकी आबादी के अनुरूप न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि आगामी जातीय जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम रखने की मांग की,ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आ सके और भविष्य की नीतियां वास्तविक आंकड़ों के आधार पर तय हों।

कुशवाहा विजय कुमार महतो कहा कि सदानों खिलाफ षड्यंत्र कर सारे अधिकार को छीना जा रहा है। ज्ञात हो कि परिसीमन के मुद्दे को मूलवासी सदान मोर्चा गांव-गांव तक ले जाकर जनजागरण अभियान चला रहा है। बैठक में खुर्शीद अंसारी, सज्जाद अंसारी, कार्तिक महतो, संजय गोप, रईस मलीक, मोहन महतो, नंदलाल महतो, उमेरा खातून, बसंती देवी, पुष्पा देवी, कमला देवी अनीता ठाकुर, पुष्पा देवी,कमला देवी, प्रोफेसर अरविंद, धनंजय कुमार राय,विश्वनाथ गोप,नवदीप महतो, संदीप सुरेश महतो बैठक की अध्यक्षता, अफरोज आलम संचालन देवेंद्र महतो ने किया।