​रांची। ​झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने झारखंड भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रभारी दो दिन के प्रवास में ही राज्य सरकार को प्रमाणपत्र बांटने लगे हैं, जबकि उन्हें आरोप लगाने से पहले केंद्र सरकार की नीतियों और अपनी पूर्ववर्ती सरकारों का आईना देखना चाहिए।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को यदि वास्तव में समृद्ध भारत बनाना है, तो उसे समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति छोड़नी होगी। देश को जोड़ने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही विकास संभव है।

झामुमो महासचिव ने पूछा कि एसआईआर के जरिए बिहार और पश्चिम बंगाल में कितने बांग्लादेशी पकड़े गए, इसका वास्तविक आंकड़ा भाजपा देश के सामने रखे।उन्होंने कहा कि आम लोगों को महीनों दस्तावेजों के लिए चक्कर काटने पड़े। गैर-भाजपा मतदाताओं के साथ पक्षपात और उनके मताधिकार पर उठ रहे सवाल लोकतंत्र के लिए गंभीर हैं।

​घुसपैठ को गंभीर विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा और जांच एजेंसियां केंद्र सरकार के अधीन हैं। केवल राजनीतिक मंचों से आरोप लगाने के बजाय केंद्र सरकार बताए कि उसने अब तक क्या ठोस कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वर्तमान झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार ने 'मंईयां सम्मान योजना', 'अबुआ आवास' और '200 यूनिट मुफ्त बिजली' जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है। भाजपा को युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर राजनीति बंद कर केंद्र के करोड़ों रोजगार देने के वादों का हिसाब देना चाहिए।

खनन और डीएमएफटी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि खनन संबंधी केंद्रीय नीतियों से झारखंड के हितों पर असर पड़ रहा है। राज्य अपने अधिकारों और खनिज राजस्व के हिस्से की लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में भाजपा नेताओं को राज्य के हित में केंद्र के सामने झारखंड का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए।