रांची/गोड्डा। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ,गोड्डा जिला ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम आंदोलनकारियों के हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों ने राजकीय मान-सम्मान, पेंशन, आश्रितों के लिए रोजगार और जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करने जैसी प्रमुख मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा है।
ज्ञापन की प्रमुख मांगों में जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी चिह्नित आंदोलनकारियों को प्रति माह 50,000 पेंशन और बुनियादी सुविधाएं दी जाएं।आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्री और आश्रितों को रोजी-रोजगार और सरकारी नौकरियों में 100% आरक्षण की गारंटी मिले।झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय स्तर पर मान-सम्मान और एक अलग पहचान दी जाए।
गोड्डा जिला अध्यक्ष किंकर चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर किंकर चौहान ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को उनके जीते जी सम्मान, पेंशन और आश्रितों को नौकरी मिलनी चाहिए। आज दुमका प्रमंडल के कई आंदोलनकारी दुनिया छोड़ चुके हैं और कई गंभीर स्थिति में हैं। 'अबुआ सरकार' में अबुआ (अपने) आंदोलनकारियों का सम्मान ही इस राज्य और सरकार का सच्चा सम्मान है।
ज्ञापन सौंपने गोड्डा, मेहरमा, बसंतराय, पथरगामा, महागामा और बोअरीजोर प्रखंड से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी रांची पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से ऋषितोष झा 'काबुल', हंजू मुर्मू, शिवनारायण सिंह, चंदन कुमार राणा, विपिन पासवान, विजय साव, बबलू सोरेन, आस नारायण महतो, मोजिबुर रहमान, नसीमा खातून, मोहम्मद असलम सहित कई अन्य आंदोलनकारी शामिल थे।
