​रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव व जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को बड़ा झटका लगा है। रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस रुख के बाद फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) में ही रहना पड़ेगा।

सुनवाई के दौरान सीआईडी की ओर से जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया गया। जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष करीब 1000 पन्नों की विस्तृत केस डायरी सौंपी, जिसमें खियांग्ते के खिलाफ दर्ज साक्ष्यों और आरोपों का पूरा ब्योरा दर्ज है। सीआईडी ने दलील दी कि मामला बेहद गंभीर है और जांच अभी अहम मोड़ पर है।

अदालत को जानकारी देते हुए सीआईडी ने कहा कि एल खियांग्ते पर परीक्षा संचालित कराने वाली प्राइवेट एजेंसियों से मोटी रकम बतौर 'कमीशन' ऐंठने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसी ने आशंका जताई कि यदि इस चरण में आरोपी को जमानत मिलती है, तो वह अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को बाधित करने के साथ साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।