रांची। राज्य में 13 से 24 वर्ष के युवाओं में एचआईवी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के हालिया अध्ययन के अनुसार राज्य में एचआईवी के कुल मामलों में से लगभग 19 प्रतिशत मरीज इसी आयु वर्ग के हैं। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बुधवार को सदर अस्पताल, रांची के ब्लड बैंक परिसर में 'एचआईवी कैंपेन 2026' और स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के शुभारंभ के दौरान यह चिंताजनक आंकड़ा सामने आया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य को स्वस्थ बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ जन-जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल मिलाकर एचआईवी संक्रमण में कमी आई है, लेकिन नाबालिगों और युवाओं में इसका प्रसार चिंता का विषय है। उन्होंने सरायकेला और साहिबगंज जिलों द्वारा संक्रमण रोकथाम के मॉडल की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के अधिक संक्रमण वाले 9 संवेदनशील जिलों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि राज्य में आपात स्थिति के दौरान केवल एक कॉल पर 15 मिनट के भीतर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए एक एजेंसी के साथ व्यवस्था बनाई जा रही है। ऐसी सुविधा देने वाला झारखंड देश का पहला राज्य बनेगा।
राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। साथ ही जल्द ही 'रिम्स-2' के निर्माण का कार्य भी शुरू किया जाएगा।
झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के तहत पूरे राज्य में एक माह तक चलने वाला सघन एचआईवी जागरूकता और सूचना, शिक्षा व संचार अभियान शुरू किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षित रक्त आधान को बढ़ावा देने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
समारोह के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने एचआईवी के प्रति जन-जागरूकता फैलाने वाले 'जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एनएसएस के स्वयंसेवकों और एएनएम स्कूल की छात्राओं ने एक जागरूकता रैली भी निकाली। कार्यक्रम में रांची के सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रंजू सिन्हा सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और पदाधिकारी उपस्थित थे।
