रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास बुधवार को जेपीएससी-जेएसएसी की गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने वहां छात्रों से उनका हाल जाना और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने आंदोलन कर रहे कई छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक सप्ताह के अंदर छात्रों की मांगें नहीं मानती है तो वह मोरहाबादी मैदान में अनशन पर बैठेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप झामुमो कार्यकर्ता की तरह कार्य न करें। आप अपने कैरियर की चिंता करें। उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं कि सरकार आती है जाती, आप अपने कैरियर की चिंता करंे। आपका कैरियर भारत सरकार के पास है। गृह मंत्रालय के पास है। आपका कैरियर जनता है। उनके टैक्स से सैलरी मिलती है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को और छेड़छाड़ करने कोशिश न करें, नहीं तो झारखंड की जनता ईंट से ईंट बजायेगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के हर घर में बच्चे-बच्चियां हैं। आदिवासी हों मूलवासी हों या झारखंडवासी हों, इससे प्रभावित हैं। उनकी भावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि मैं छात्रों की बात पर राजनीति नहीं करना चाहता। लेकिन पिछले दिनों जिस तरह से उन्हें दबाने की कोशिश हुई इससे वह आहत हुए।
उन्होंने कहा कि छात्रों को धमकाना बंद करो, जायज मांग है उसे पूरा करो। सीबीआइ जांच हो, परीक्षा रद्द हो। जेपीएससी से ज्यादा जेएसएससी-सीजीएल में ज्यादा घोटाला है। नौकरियां बेची गईं।
बच्चों के भविष्य को बेचा गया। उत्पाद सिपाही में 19 बच्चों की मौत हो गई। उनके परिवार को लोगों को एक-एक करोड़ मुआवजा दिया जाये। यदि सरकार की कोई संलिप्तता नहीं है तो सीबीआइ से जांच कराने में क्या आपत्ति है।
