रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर विवादित बयान देकर चर्चा में आए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने उनके इस आचरण को पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव द्वारा जारी इस नोटिस में योगेंद्र साव से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि पार्टी संविधान के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए?
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि योगेंद्र साव का सार्वजनिक बयान पार्टी की घोषित नीतियों, सिद्धांतों और नेतृत्व के निर्देशों के खिलाफ है। संगठन के बाहर इस तरह की बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है, जिसे बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नोटिस में यह भी याद दिलाया गया है कि अनुशासनहीनता के कारण श्री साव को पहले भी पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है। हालांकि, उनके लंबे सांगठनिक योगदान को देखते हुए निष्कासन रद्द कर दिया गया था, लेकिन बार-बार इस तरह का आचरण दोहराना संगठन के प्रति उनकी अनदेखी को दर्शाता है।
गौरतलब है कि हाल ही में योगेंद्र साव ने हेमंत सोरेन को राज्य का 'सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री' बताते हुए कई अन्य विवादित टिप्पणियां की थीं, जिसे पार्टी नेतृत्व ने बेहद गंभीरता से लिया है।
