जमशेदपुर। गोलमुरी मस्जिद रोड स्थित केनरा बैंक में गुरुवार को हुई 33 करोड़ रुपये के सोने और 42 लाख रुपये नकद की दुस्साहसिक डकैती के तार बिहार के कुख्यात सुबोध सिंह गिरोह से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. एहतेशाम वकारिब ने 20 पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। गोलमुरी थाने में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 310(2)/311 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच के अनुसार वारदात को अंजाम देने का तरीका (मोडस ऑपरेंडी) पूरी तरह से सुबोध सिंह गिरोह के ढर्रे से मेल खाता है। यह गिरोह आमतौर पर बारिश या सन्नाटे के समय रेनकोट या हेलमेट पहनकर बैंक में घुसता है, कर्मचारियों को बंधक बनाता है और मुख्य रूप से गोल्ड लोन के सोने को निशाना बनाता है। यद्यपि गिरोह का सरगना सुबोध सिंह फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन जेल के भीतर से ही उसका नेटवर्क झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सक्रिय है। हाल ही में इस गिरोह के कई शातिर शूटर जमानत पर बाहर आए हैं।
गौरतलब है कि 18 अगस्त 2022 को मानगो स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में भी इसी तर्ज पर करोड़ों की डकैती हुई थी, जहां वारदात के बाद अपराधी पारडीह काली मंदिर के समीप एक होटल तक बाइक से गए थे और वहां पहले से खड़े कंटेनर में छिपकर बिहार भाग निकले थे।
जांच में यह बात साफ हुई है कि अपराधियों को बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और बैंक खुलने की प्रक्रिया की सटीक जानकारी थी। उन्हें पता था कि सबसे पहले एक चपरासी अकेला पहुंचता है, उसके बाद गार्ड आता है, और गार्ड का हथियार बैंक के अंदर ही रखा रहता है जिसे वह बैंक पहुंचकर वर्दी पहनने के बाद उठाता है। अपराधियों को यह भी जानकारी थी कि बैंक में कितना सोना और नकदी रखी है।
इस सटीक रेकी को देखते हुए पुलिस को बैंक के किसी अंदरूनी व्यक्ति द्वारा जानकारी लीक किए जाने की प्रबल आशंका है। कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका फिलहाल संदेह के दायरे में है और पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है।
एसआईटी में शामिल अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
बैंक और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों के हुलिए, उनके वाहनों और वारदात के बाद भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।बैंककर्मियों से अपराधियों की बोलचाल, पहनावे और हरकतों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि मामले का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
