​गिरिडीह। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि झारखंड इस वक्त खनिज, नियोजन और विभिन्न तरह के माफियाओं व सिंडिकेट्स के चंगुल में फंसा हुआ है। मंगलवार को गिरिडीह परिसदन भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कोयला, बालू, पत्थर और नियोजन माफिया बेखौफ सक्रिय हैं तथा पिछले छह-सात वर्षों से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

रघुवर दास ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक के मामलों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि परीक्षा भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी जैसे लोग रातों-रात करोड़पति कैसे बन गए? उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया नियोजन सिंडिकेट के हवाले कर दी गई है और सरकारी सांठगांठ तथा संरक्षण के बिना इतना बड़ा खेल संभव ही नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र, अभिभावक और भाजपा लंबे समय से इन घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार की इस मामले में कोई संलिप्तता नहीं है, तो उसे सीबीआई जांच से नहीं डरना चाहिए, क्योंकि सांच को आंच नहीं होती।"

रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी और गरीब परिवार पेट काटकर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। सरकार ने युवाओं को प्रतिवर्ष 5 लाख नौकरियां या बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन रोजगार देने के बजाय लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं।