बोकारो। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) ने महात्मा गांधी चौक, सेक्टर 4 पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आप कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इस संशोधन को झारखंड व देश हित के खिलाफ "काला कानून" करार दिया।
यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश मीडिया सह प्रभारी कुमार राकेश, जोनल प्रभारी विधान चंद्र राय, जिला संयोजक धर्मेंद्र शर्मा और जिला सचिव बैजनाथ गोराई की संयुक्त अगुवाई में आयोजित हुआ।
प्रदेश मीडिया सह प्रभारी कुमार राकेश ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 2026 के इस संशोधन की धारा 9डी के जरिए राज्य सरकारों के टैक्स और सेस लगाने के संवैधानिक अधिकारों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। यह झारखंड की जनता के साथ बड़ा धोखा है।
जोनल प्रभारी विधान चंद्र राय ने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए झारखंड के राजस्व पर ₹1.36 लाख करोड़ की सीधी चोरी की गई है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में केंद्र सरकार कोल व खनन कंपनियों पर बकाया ₹1,36,000 करोड़ की कोयला रॉयल्टी और जमीन लगान का तत्काल भुगतान करे, ताकि इस राशि का उपयोग राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं में हो सके।
बोकारो जिला संयोजक धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि इस नए नियम से झारखंड सरकार को हर साल करीब ₹14,000 करोड़ का भारी वित्तीय नुकसान होगा। इसका सीधा असर युवाओं के रोजगार भत्ते, महिलाओं की पेंशन और मुफ्त बिजली जैसी जनहित की योजनाओं पर पड़ेगा।
जिला सचिव बैजनाथ गोराई ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "जमीन हमारी है, खनिज हमारा है और विस्थापन व बीमारियों का दंश भी यहाँ की जनता झेल रही है, लेकिन कमाई केंद्र सरकार समेटना चाहती है।"
कार्यक्रम में जिला प्रवक्ता मिथिलेश गिरि, उपाध्यक्ष उत्तम सिंह चौधरी और एसके झा समेत कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मनौवर अंसारी, महावीर कुमार, सतीश गुप्ता, संजय रजक, सुमन सिंह मिट्ठू, विनेश्वर कुमार और मनोरंजन कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रदर्शन के अंत में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने संकल्प लिया कि जब तक केंद्र सरकार इस एमएमडीआर एक्ट संशोधन को वापस नहीं लेती, तब तक सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
