रांची। राजधानी के गेतलसूद डैम में बने 100 मेगावाट क्षमता वाले राज्य के पहले मेगा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से शनिवार को बिजली का व्यावसायिक उत्पादन सफलतापूर्वक शुरू हो गया है। पहले चरण में 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू कर इसे सिकिदिरी ग्रिड भेजा जा रहा है, जिसे झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) खरीद रहा है। इस शुरुआत से रांची और आसपास के इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति ('जीरो पावर कट') की राह आसान हो गई है।
झारखंड ऊर्जा संचरण निगम और जेबीवीएनएल के सहयोग से प्लांट के स्विच यार्ड स्थित 132 केवी डबल सर्किट गेतलसूद-ईरबा ट्रांसमिशन लाइन और 33 केवी केबल को चार्ज कर दिया गया है।
सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी)के वरिष्ठ परियोजना अभियंता नवीन उरांव के अनुसार, शेष 50 मेगावाट क्षमता का काम अंतिम चरण में है और अगले सप्ताह तक पूरे 100 मेगावाट का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
लगभग 500 करोड़ की लागत से इस प्लांट का निर्माण 'सेकी'द्वारा एलएंडटी के सहयोग से किया गया है। यह सोलर पैनल सेटअप गेतलसूद डैम के कुल जलभाग के महज 8 प्रतिशत हिस्से पर फैला है।
