बोकारो: स्टील सिटी की जो आवासीय कॉलोनियां कभी इस औद्योगिक शहर की आन-बान-शान हुआ करती थीं, वे आज बदहाली और खौफ का पर्याय बनती जा रही हैं। सेक्टर 12-ई में एक पूरे ब्लॉक के ताश के पत्तों की तरह ढह जाने की घटना ने बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन के रखरखाव दावों और नगर सेवा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कॉलोनियों के निर्माण के समय हुई गुणवत्तागत कमियों और घटिया सामग्री के इस्तेमाल ने इन इमारतों को समय से पहले ही जर्जर बना दिया। रही-सही कसर प्रबंधन के देखरेख बजट में हुई खानापूर्ति और ठेकेदारों द्वारा की जाने वाली लिपा-पोती ने पूरी कर दी।
99 साल की लीज या लाइसेंस पर क्वार्टर लेकर रह रहे पूर्व कर्मचारियों व परिजनों ने अपने खर्च पर अपने हिस्से का रखरखाव तो कर लिया, लेकिन उसी ब्लॉक के अन्य सरकारी क्वार्टरों की अनदेखी के कारण पूरी इमारत ही डेंजर जोन में बदल रही है।
हल्की सी बारिश में भी छतों और दीवारों का गिरना आम हो चुका है, जिससे हजारों जिंदगियों पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
बीएसएल प्रबंधन की जांच में अब तक 169 ब्लॉकों को 'असुरक्षित' माना गया है। प्रबंधन इन्हें खाली कराकर लोगों को शिफ्ट करने का दावा कर रहा है, जबकि लोग इसे बेवजह परेशान करने की रणनीति बता रहे हैं।
सांसद ढुलू महतो सहित स्थानीय नेताओं ने मौके पर पहुंचकर निवासियों को न हटने और मरम्मत कराने का भरोसा तो दिया, लेकिन ठोस सुरक्षा नीति की सुध किसी ने नहीं ली।
सेक्टर 12-ई हादसे के बाद धनबाद/बोकारो जिला प्रशासन सख्त हुआ है। उपायुक्त ने एसडीएम प्रांजल ढाढा से 72 घंटे में विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है और बोकारो प्रबंधन से सभी क्वार्टरों की वास्तविक स्थिति पर जवाब मांगा है।
बोकारो के सेक्टर 1 से 12 तक में आज भी 30,000 से अधिक क्वार्टर ऐसे हैं जो रहने योग्य हैं और जिन्हें समय पर मरम्मत की दरकार है। अगर नगर सेवा विभाग ने समय रहते इन बचे हुए ब्लॉकों के वैज्ञानिक और मजबूत अनुरक्षण की मुकम्मल योजना नहीं बनाई, तो आने वाले दिनों में 169 'डेंजर' ब्लॉकों की सूची और लंबी होना तय है।
एक तरफ जहां बीएसएल का उत्पादन और विस्तार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का आशियाना उजाड़ बन रहा है। प्रबंधन को तकनीकी जवाबदेही से पल्ला झाड़ने के बजाय रिहायशी सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बनाना होगा, ताकि बोकारो को उजाड़ होने से बचाया जा सके।
