रामगढ़। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे झारखंड, देश के आदिवासियों, दलितों, शोषितों और पिछड़ों के लिए अत्यंत भारी और भावुक कर देने वाला क्षण है। झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री व पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन जी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर रामगढ़ जिला स्थित लुकैयाटांड़ (बरलंगा), नेमरा में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन विद्यालय परिसर में आदरणीय गुरुजी की प्रतिमा का अनावरण किया तथा 'विकास मेला-सह-पारितोषिक वितरण कार्यक्रम' को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजी की प्रतिमा का अनावरण इसलिए किया गया है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और संघर्ष की जड़ों से जुड़ी रहें।

उन्होंने अपने दादा अमर शहीद स्व० सोबरन मांझी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि समाज को तोड़ने वाली असामाजिक ताकतें आज भी नए रूप में सक्रिय हैं। इनसे मुकाबला करने का एकमात्र स्थायी समाधान आपसी भाईचारा, सम्मान और अटूट एकजुटता है।

श्री सोरेन ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा और संभावनाएं हैं, लेकिन उन्हें भटकाव से बचाकर सही मार्ग पर अग्रसर रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास की योजनाएं और अधिकार राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल हमारे महापुरुषों को याद करने और उनकी प्रेरणा को आगे बढ़ाने का केंद्र रहेगा। उन्होंने राज्य को वीरों की भूमि बताते हुए भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो और विनोद बिहारी महतो जैसे नायकों के प्रति भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर राज्य के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक उमाकांत रजक,कुमार जयमंगल सिंह,अमित महतो, ममता देवी, पूर्व मंत्री बेबी देवी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, राज्य सरकार के वरीय अधिकारीगण एवं भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।