रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को 11वें दिन भी जारी रहा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। वे लगातार जेपीएससी परीक्षा को रद्द किये जाने और इसकी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। अब उनके आंदोलन को असम के सीएम हिमंता सरमा का भी नैतिक समर्थन मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए झारखंड सरकार से उनकी जायज मांगों पर तत्काल विचार करने और न्याय सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
सरकार गंभीर नहीं
छात्र नेता पीयूष सिंह, आशा कुमारी सहित अन्य अभ्यर्थियों मीडिया से बात करते आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारी छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। उनका कहना है कि हजारों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, फिर भी सरकार संवाद करने से बच रही है। धरना पर बैठे छात्र-छात्राओं ने कहा कि वे पिछले 11 दिनों से लगातार खुले आसमान के नीचे आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अभ्यर्थियों ने घोषणा की कि मंगलवार शाम से या बुधवार से और पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और एग्रीकल्चर छात्र रहे ब्रह्मानंद कुमार लगातार दो दिनों से आमरण अनशन पर हैं ही। छात्र नेता इमाम सफी ने गुरुवार से आमरण अनशन पर जाने की चेतावनी दी है।

11 अगस्त को विधाननसभा घेराव
छात्र नेताओं ने कहा है कि अबतक सरकार के स्तर से कोई सकारात्मक प्रयास नहीं दिखा है। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते से सीआईडी बस पूछताछ ही कर रही है। अब 11 अगस्त को विधानसभा का घेराव कार्यक्रम तय है। इसमें सभी जिलों के छात्रों, संगठनों का भी सहयोग मिलेगा। आइसा ने छात्रों के समर्थन में 7 अगस्त को विधानसभा मार्च करने का ऐलान किया है।
