रांची। 6 अगस्त से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र की तैयारियों और उसके सुचारू संचालन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सोमवार को अपने कक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने दो-टूक शब्दों में चेतावनी देते कहा कि यदि विधायकों के सवालों के जवाब और विधेयकों की प्रतियां समय पर सदन को उपलब्ध नहीं कराई गईं तो यह सदन की अवमानना होगी। यह जनहित की अनदेखी का भी केस होगा।
मौके पर सवालों के जवाब नहीं मिलने के मामले पर अध्यक्ष ने नाराजगी जतायी। कहा गया कि सरकार द्वारा सदन में मंत्रियों द्वारा दिए गए कुल 1390 आश्वासनों पर संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। विधायकों द्वारा शून्यकाल के दौरान लाई गई 440 सूचनाओं में से 321 का अब तक कोई अता-पता नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने साफ कहा कि यदि विभागीय अधिकारी अपनी कार्यशैली नहीं सुधारते हैं और तय समय पर जवाब सदन पटल पर नहीं रखते हैं, तो विधायकों की नाराजगी पूरी तरह से स्वाभाविक है। समीक्षा के क्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के मोर्चे पर पुलिस पदाधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के आसपास होने वाले उग्र धरना-प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से अपील करते कहा कि वे सदन की गरिमा को बनाए रखें।
