रांची । धनबाद, जामताड़ा और पाकुड़ में एसआईआर के दौरान मतदाताओं द्वारा जमा किए गए इन्यूमरेशन फॉर्म और दस्तावेजों में मिली विसंगतियों को निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से लिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने तीनों जिलों के विभिन्न मतदान केंद्रों का भौतिक निरीक्षण कर कई खामियां पाईं। उन्होंने संबंधित ईआरओ और एईआरओ को सभी मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया है।
निरीक्षण के दौरान कुछ मामलों में दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि और इन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जन्मतिथि अलग मिली। वहीं, कुछ बूथों पर भाई-बहन की जन्मतिथि में नौ माह से भी कम का अंतर दर्ज पाया गया। ऐसी विसंगतियों को देखते हुए मतदाताओं की आयु और पारिवारिक दस्तावेजों की विस्तृत जांच करने को कहा गया है। उपलब्ध प्रमाणों का मिलान करने के बाद ही सुनवाई की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
के. रवि कुमार ने बताया कि कुछ मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के उद्देश्य से मतदाताओं की उम्र में बदलाव किए जाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि सुनवाई के दौरान अपनी वास्तविक स्थिति और सही तथ्य ईआरओ या एईआरओ के समक्ष रखें, ताकि विसंगतियों का नियमानुसार समाधान किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ मतदाताओं की मैपिंग उनके वास्तविक पारिवारिक दस्तावेजों के बजाय अन्य रिश्तेदारों के साथ की गई है। ऐसे मामलों में वास्तविक पारिवारिक संबंधों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर सही मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
