​गिरिडीह। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के विभिन्न जिलों में झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ की गई हिंसा और बर्बरता को अत्यंत निंदनीय एवं शर्मनाक करार दिया है। गिरिडीह स्थित झंडा मैदान में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री मरांडी ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी हेमंत सोरेन सरकार ने नीचता की सारी हदें पार कर दी हैं। छात्रों की न्यायपूर्ण आवाज को लाठी-डंडों के जोर पर दबाने का यह प्रयास सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है और इस गुंडागर्दी का करारा मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

​श्री मरांडी ने कहा कि गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, जबकि हजारीबाग, रांची और रामगढ़ समेत अन्य जिलों में भी इसी प्रकार का नंगा नाच देखने को मिला। रांची में एक मासूम बच्ची तक को नहीं बख्शा गया। रामगढ़ में झामुमो नेता खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने वालों को पटक-पटककर मारेंगे। इन सभी घटनाओं और लाठी-डंडे से लैस उपद्रवियों की स्पष्ट वीडियो फुटेज उपलब्ध है, जिससे झामुमो का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

​21 अगस्त की घटना को पूर्वनियोजित बताते हुए श्री मरांडी ने गिरिडीह के महेशमुंडा निवासी इमरान नामक युवक के व्हाट्सएप ग्रुप मैसेज का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि मैसेज में स्पष्ट रूप से लिखा गया था— 04 बजे पार्टी कार्यालय गिरिडीह पहुँचें। संगठन का इमरजेंसी कॉल है।

​उन्होंने मांग की कि पुलिस-प्रशासन इस व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार करे और गहन पूछताछ करे कि झामुमो का यह 'इमरजेंसी कॉल' किस उद्देश्य से था, भीड़ किसके निर्देश पर जुटाई गई और क्या इसी भीड़ का प्रयोग छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक रूप से कुचलने के लिए किया गया?


​उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी साजिश की पटकथा 18 अगस्त को सरकार द्वारा लिए गए तुगलगी कैबिनेट फैसले के साथ ही लिख दी गई थी। छात्र अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से आंदोलनरत थे और 10 अगस्त को अनुशासित तरीके से विधानसभा गेट तक पहुंचे थे। जब छात्रों ने 20 अगस्त तक का समय देकर मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी दी, तो सरकार ने साजिश के तहत उन्हें धरना स्थल से हटाया। बच्चे नादान और अबोध थे, इसलिए वे सरकार के झांसे में आ गए। हाई कोर्ट से स्टे मिलने के बाद छात्रों द्वारा पुतला दहन का कार्यक्रम पूरी तरह से लोकतांत्रिक था।

​श्री मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो राहुल गांधी खुद को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलनों का पक्षधर बताते हैं, वे झारखंड में अपनी गठबंधन सरकार की इस खुली गुंडागर्दी पर मौन क्यों हैं? क्या छात्रों पर हो रहे इस अत्याचार की गूँज उनके कानों तक नहीं पहुँच पा रही है?

​भाजपा की प्रमुख मांगें

​छात्रों पर हमला करने वाले और उकसाने वाले सभी झामुमो कार्यकर्ताओं व नेताओं को चिन्हित कर उन पर प्राथमिकी दर्ज की जाए और तत्काल गिरफ्तारी हो।

प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष रंजीत राय, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, कार्यसमिति सदस्य चुन्नूकांत सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।