​रांची। केंद्रीय मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और नौकरियों का सौदा करने का गंभीर आरोप लगाया है। शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था को दरकिनार कर लगभग 1000 करोड़ रुपये में नौकरियों का सौदा किया है।

​संजय सेठ ने कहा कि अपने अधिकारों की मांग को लेकर पिछले 25 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा समेत कई जिलों में सरकार के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम रखा था। इसके लिए प्रशासन को पूर्व सूचना भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद सत्तारूढ़ दल और पुलिस प्रशासन की ओर से आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया।

​उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सदर अस्पताल में घुसकर घायल छात्रों की पिटाई की और पारस अस्पताल से इलाज करा रहे छात्रों को जबरन डिस्चार्ज कराया गया, जो सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति को उजागर करता है। सेठ ने वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

प्रेस वार्ता के दौरान सेठ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रांची की सड़कों पर छात्रों का खून बहा और उन पर लाठियां बरसीं, लेकिन राहुल गांधी की ओर से न तो कोई संदेश जारी हुआ और न ही उन्होंने राज्य सरकार से कोई सवाल किया।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सीआईडी जैसी राज्य स्तरीय जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।