देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के पहले ही दिन गुरुवार को बाबाधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सावन माह की शुरुआत के साथ ही बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा एक महीने के लिए स्थगित कर दी गई है और श्रद्धालुओं के लिए अरघा के जरिए जलार्पण की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
अहले सुबह ब्रह्म मुहूर्त में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने पारंपरिक कांचा जल पूजा संपन्न की, जिसके पश्चात सरदार पंडा गुलाबनन्द ओझा ने सरकारी पूजा की। पूजन प्रक्रिया पूरी होते ही श्रद्धालुओं के जलार्पण के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए। बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु बुधवार रात से ही लंबी कतारों में लगने शुरू हो गए थे।
सुरक्षा और व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
श्रावणी मेले के पहले दिन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तड़के ही उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर बाबा मंदिर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में मंदिर में अरघा स्थापित किया गया, जिसके माध्यम से कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने कड़ी सुरक्षा के बीच सुगमतापूर्वक जलार्पण शुरू किया।
कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग और कड़े निर्देश
मेला क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त ने मंदिर स्थित कंट्रोल रूम का दौरा किया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के जरिए गर्भगृह, परिसर, निकास द्वार और आसपास के संवेदनशील इलाकों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भीड़ पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहें। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सेवा भाव से कार्य करने तथा श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने की सख्त हिदायत दी, ताकि देश-विदेश से आने वाले कांवरिए देवघर से एक सुखद संदेश लेकर लौटें।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, एसडीपीओ, ट्रैफिक डीएसपी, जिला खेल पदाधिकारी और सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
