रांची। गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने स्पष्ट कम दबाव क्षेत्र के कारण पूरे झारखंड में बीते 30 घंटों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। राजधानी रांची सहित बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा और कोल्हान प्रमंडल समेत 15 से अधिक जिलों में भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा में अत्यधिक बारिश को देखते हुए फ्लैश फ्लड (आकस्मिक बाढ़) की चेतावनी जारी की है।
नदियों में उफान, चांडिल डैम के 18 गेट खोले गएः झारखंड की प्रमुख नदियों और जलाशयों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के नियंत्रण कक्ष के अनुसार खरकई और स्वर्णरेखा नदियां उफान पर हैं। चांडिल डैम के 18 गेट खोलकर 737.72 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। रांची के गोंदा और गेतलसूद डैम में भी जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। गेतलसूद डैम के भी फाटक खोल दिये गये।
मयूरभंज स्थित ब्यांगबिल डैम के 2 फाटकों से 70 क्यूमेक और खरकई डैम के 1 फाटक से 20 क्यूमेक पानी लगातार डिस्चार्ज किया जा रहा है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और बराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण पलामू में सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इंद्रपुरी बराज से सोमवार शाम को लगभग 1.60 लाख क्यूसेक और बाणसागर जलाशय से रविवार रात करीब 1.57 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
हुसैनाबाद अनुमंडल के मोहम्मदगंज से दंगवार तक तटीय गांवों (भजनीयां, कोल्हुआ, बिहरा, पंसा, बरडीहा, रानीदेवा, देवरी आदि) में पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा माईकिंग कराकर अलर्ट जारी किया गया है।
गिरिडीह में नगर निगम क्षेत्र के सिहोडीह पटेल नगर में जल निकासी न होने से नाले का पानी सड़कों और घरों में घुस गया है। वहीं बगोदर क्षेत्र में बेको बोन बांध तालाब की पैन टूटने और जलाशयों की मेढ़ क्षतिग्रस्त होने से कई किसानों के धान की फसल बह गई है।
कोडरमा के चंदवारा प्रखंड की गौरी नदी उफान पर है और पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन बाधित हुआ है।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और सभी बीडीओ, सीओ तथा पुलिस अधिकारियों को स्थिति पर निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
