​देवघर। राजकीय श्रावणी मेला के शुरुआती सप्ताह में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले कांवरियों की संख्या और मंदिर की आय, दोनों में पिछले वर्ष की तुलना में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। बेहतर व्यवस्था, सुलभ जलार्पण और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के चलते इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।

​1.35 लाख से अधिक कांवरिए पहुंचे, संख्या में 15.61% की बढ़ोतरी

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के श्रावणी मेले के शुरुआती एक सप्ताह में कुल 8,70,053 कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया था। वहीं, वर्ष 2026 के शुरुआती सप्ताह में यह संख्या बढ़कर 10,05,885 तक पहुंच गई। यानी गत वर्ष की तुलना में इस बार 1,35,832 अधिक कांवरिए (लगभग 15.61 प्रतिशत वृद्धि) बाबाधाम पहुंचे हैं।

​मंदिर की आय में 36.30 लाख का इजाफा

श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर की आय में भी जबरदस्त उछाल आया है। वर्ष 2025 के पहले सप्ताह में मंदिर को विभिन्न स्रोतों से ₹50,54,784 की आमदनी हुई थी, जो 2026 में बढ़कर ₹86,85,162 हो गई। इस प्रकार मंदिर की आय में ₹36,30,378 (71.82 प्रतिशत) की बढ़ोतरी हुई है, जबकि अभी मेले के 21 दिन शेष हैं। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने साप्ताहिक प्रेसवार्ता में ये आंकड़े जारी किए।

​राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी से भीड़ नियंत्रण और कांवरिया पथ की व्यवस्था में व्यापक सुधार हुए हैं। मेले की तैयारियों का जायजा लेने खुद तीन बार पर्यटन मंत्री और एक बार स्वास्थ्य मंत्री देवघर पहुंचे थे।

​नया फुट ओवरब्रिज और दोहरे अरघा से सुलभ दर्शन

मंदिर प्रांगण में नए फुट ओवरब्रिज बनने से शीघ्र दर्शनम का समय घटकर मात्र 1 से 2 घंटे (पहले 4 से 5 घंटे) रह गया है। इसके अतिरिक्त मंदिर में दो स्थानों पर अरघा लगाए जाने से जलार्पण में लगने वाला समय काफी कम हुआ है।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मेले की सुरक्षा के लिए 597 मजिस्ट्रेट व पदाधिकारियों के साथ 6,763 पुलिस बल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 4 एसपी स्तर के अधिकारी, सीआरपीएफ की 3 कंपनियां, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एटीएस, रैफ, बम डिस्पोजल दस्ता, डॉग स्क्वायड, क्यूआरटी, 52 डीएसपी, 92 इंस्पेक्टर, 758 एएसआई और 1,110 सशस्त्र बल तैनात हैं।

​उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानियां ने कहा कि श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को सुलभ जलार्पण कराना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। शेष बची तीन सोमवारी पर भी भक्तों को कम से कम समय में जलार्पण कराने के लिए फुलप्रूफ इंतजाम किए गए हैं।