देवघर। सावन की अंतिम और चौथी सोमवारी पर बाबा नगरी देवघर में शिवभक्तों का असीम उत्साह देखने को मिला। 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा शहर गुंजायमान रहा। इस पावन अवसर पर करीब तीन लाख से अधिक कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ के पवित्र कामना लिंग पर जलार्पण कर सुख-समृद्धि की कामना की।
अंतिम सोमवारी पर जलार्पण के लिए रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। सोमवार तड़के तीन बजे तक कांवरियों की कतार बैद्यनाथ मंदिर से निकलकर शिवराम झा चौक, जलसार और बीएड कॉलेज होते हुए नंदन पहाड़ तक पहुंच गई।
सुबह सवा तीन बजे मंदिर के कपाट खुलते ही पारंपरिक कांचा जल पूजा संपन्न हुई। सोमवारी के विशेष महत्व को देखते हुए मंदिर के प्रधान पुजारी सह सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने स्वयं सरदारी पूजा की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से बाबा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सवा चार बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर पहुंचे भक्त कतारबद्ध होकर मंदिर प्रवेश करने लगे।
लंबी दूरी तय करने और कतार में घंटों खड़े रहने के बावजूद कांवरियों का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अरघा व्यवस्था के जरिए सुलभ जलार्पण कराया गया। रूट लाइनिंग में जगह-जगह पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, सहायता केंद्र और विश्राम स्थलों का प्रबंध किया गया था। वृद्ध, महिला एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया।
मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और एसपी प्रवीण पुष्कर आधी रात से ही मुस्तैद दिखे। दोनों अधिकारियों ने बैद्यनाथ मंदिर स्थित मुख्य कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और आधुनिक सीसीटीवी कैमरों व वीडियो वॉल के माध्यम से रूट लाइनिंग और पूरे मेला क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग की।
