जमशेदपुर। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के हक और अधिकारों की लड़ाई तेज हो गई है। पोटका विधायक संजीव सरदार और घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन ने तुरामडीह, नरवा, जादूगोड़ा, बांदूहुड़ांग और बागजामदा माइंस क्षेत्र के माझी बाबा, विस्थापित समितियों व प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विस्थापितों के रोजगार, पुनर्वास और लंबित मांगों को लेकर उपायुक्त के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की और ज्ञापन सौंपा।
बैठक में विस्थापित परिवारों का सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार को लेकर सामने आया। विधायकों और प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के समक्ष बात रखी कि बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिन्होंने परियोजना के लिए अपनी कीमती जमीन दे दी, लेकिन आज तक उन्हें नौकरी नहीं मिली।कई विस्थापित कर्मचारियों की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई, लेकिन उनके आश्रितों को अब तक अनुकंपा पर नियोजन नहीं मिला है। कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उनकी जमीन जाने के बावजूद उनके परिजनों को रोजगार से वंचित रखा गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने इन सभी लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र विस्थापितों और उनके आश्रितों को नियमानुसार जल्द से जल्द रोजगार देने की मांग की। वार्ता के दौरान विधायक संजीव सरदार ने पूर्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई बैठक का संदर्भ दिया। विधायकों ने उपायुक्त से आग्रह किया कि इस रिपोर्ट को जल्द से जल्द शासन को भेजा जाए ताकि विस्थापितों को राहत मिल सके।
रोजगार के अलावा प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें और युवाओं के लिए कौशल विकास जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
पोटका विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन परिवारों ने विकास के लिए अपनी जमीन दी है, उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जमीन देने के बावजूद नौकरी और अधिकारों से वंचित रखना एक गंभीर विषय है। मुख्यमंत्री के रुख से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जगी है और प्रशासन के समक्ष विस्थापितों की आवाज इसी तरह मजबूती से उठाई जाती रहेगी।
इस मुलाकात के दौरान माझी बाबा, विस्थापित समितियों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे।
