मेदिनीनगर। भारती पाण्डेय से जुड़े चिकित्सीय और विभागीय मामले में पलामू जिला प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक (पलामू प्रमंडल) ने 26 जुलाई 2026 को पत्रांक 193 के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के लिपिक ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया है।​इसके साथ ही, पत्रांक 194 के जरिए डीईओ कार्यालय पलामू के एक अन्य लिपिक अरुण कुमार गिरि का प्रतिनियोजन समाप्त कर उन्हें क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, रंका (गढ़वा) स्थानांतरित कर दिया गया है।​

प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 जुलाई को सोना नर्सिंग होम में जांच के दौरान डॉ. ऋषिता सिंह (एमएस/गायने) ने मरीज में लीक पी/भी की शिकायत पाई थी। चिकित्सक द्वारा तत्काल भर्ती होकर देखरेख कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन श्रीमती पाण्डेय ने भर्ती होने से इनकार कर दिया। इसके बाद 24 जुलाई को पुनः दी गई भर्ती की सलाह को भी उन्होंने स्वीकार नहीं किया।​अंततः 25 जुलाई 2026 को जब वे दोबारा नर्सिंग होम पहुंचीं, तो अल्ट्रासाउंड जांच में शिशु मृत पाया गया। इसके बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाते हुए मृत शिशु का प्रसव कराया गया।​विभागीय स्तर पर यह बात भी स्पष्ट की गई है कि भारती पाण्डेय की ओर से मातृत्व अवकाश का कोई आवेदन नहीं दिया गया था।

उन्होंने अपनी 7 वर्षीय पुत्री अदिति कुमारी की देखभाल के लिए 'शिशु देखभाल अवकाश' के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था।​श्रीमती पाण्डेय द्वारा समर्पित आवेदन एवं शपथ पत्र के आधार पर, विभागीय नियमानुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी पलामू ने पत्रांक 1069 (दिनांक 25 जुलाई 2026) के माध्यम से उन्हें 185 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश स्वीकृत किया था।​पलामू जिला प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और तथ्यों को ध्यान में रखकर कदम उठाए गए हैं तथा भविष्य में ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।