​रांची। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने गुरुवार को रांची दौरे के दौरान देश में आरक्षण, जातिगत जनगणना, छात्र आंदोलन और रोजगार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जब तक देश में जाति व्यवस्था कायम है, तब तक आरक्षण की जरूरत बनी रहेगी।

​केंद्रीय मंत्री ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि देश से जाति व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी जाती है, तो वह और उनका समाज आरक्षण की मांग छोड़ने के लिए तैयार हैं। हालांकि, जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक सामाजिक प्रतिनिधित्व और अवसरों की समानता के लिए आरक्षण अनिवार्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर जाति प्रथा खत्म नहीं हो सकती, तो "जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी भागीदारी" के सिद्धांत पर हर जाति को आबादी के अनुपात में अधिकार मिलना चाहिए।

​जातिगत जनगणना के समर्थन में श्री आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है। सटीक आंकड़े सामने आने से पारदर्शी नीतियां बनाने और संसाधनों के समान वितरण में आसानी होगी।

​रांची में छात्रों पर हुए हालिया लाठीचार्ज पर चिंता जताते हुए उन्होंने बल प्रयोग की आलोचना की। केंद्रीय मंत्री ने झारखंड सरकार से अपील की कि वह आंदोलनकारी छात्रों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का हल निकाले। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नियुक्तियों के लिए स्पष्ट नियम बनाने की वकालत की, ताकि युवाओं का भविष्य अधर में न लटके।​राज्य के विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने नए उद्योगों की स्थापना के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।