रांची। झारखंड में युवाओं और छात्रों के मुद्दे पर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तीखा हो गया है। राज्य सरकार को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता कर घोषणा की है कि 8 से 11 सितंबर तक पार्टी राज्य के सभी 24 प्रशासनिक जिलों में तिथिवार प्रदर्शन करेगी और डीसी एवं एसपी कार्यालयों का घेराव करेगी।

भाजपा ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तुरंत वापस लेने और पिछले सात वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 6 जिलों में घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। 8 सितंबर को रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा,9 सितंबर को कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा,

10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा और

11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा में घेराव कार्यक्रम होगा।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नौकरी बेचने के अपने घोटालों को छिपाने के लिए छात्रों पर अत्याचार कर रही है। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे 1000 से अधिक निर्दोष छात्रों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि छात्रों के साथ मारपीट करने वाले सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि पुलिस रात के अंधेरे में छात्रों के घरों पर दबिश देकर भय का माहौल बना रही है और कोचिंग संचालकों को डराया जा रहा है। साहू ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फर्जी केस वापस नहीं लिए तो यह जनआंदोलन का रूप ले लेगा। गठबंधन दलों (झामुमो, कांग्रेस, राजद) के नेताओं द्वारा मुख्य सचिव से मुलाकात करने पर चुटकी लेते हुए आदित्य साहू ने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं का अपने ही मुख्यमंत्री से भरोसा उठ चुका है। सरकार कोयला, बालू और पत्थर माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय झारखंड के भविष्य (छात्रों) के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। इस प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता रामाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल, रवि नाथ किशोर और मीडिया सह प्रभारी अजय राय भी उपस्थित थे।

कांग्रेस का पलटवार, आलोक दूबे बोले– 'भाजपा की झूठ और साजिश की राजनीति का पर्दाफाश'

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी, लेकिन भाजपा को छात्रों के नाम पर राजनीति करने की इजाजत भी नहीं मिलेगी। श्री दूबे ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान कहीं भी युवाओं पर ज्यादती नहीं हुई, बल्कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसमें घुसकर माहौल बिगाड़ने और इसे हिंसक बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि छात्र अब भाजपा का एजेंडा समझ चुके हैं, इसलिए वे उसके आंदोलनों से दूरी बना रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने भाजपा की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए हैं। पहले भाजपा को सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं था, लेकिन अब उसके अध्यक्ष खुद उसी जांच का हवाला दे रहे हैं।बिहार व अन्य राज्यों से आए कोचिंग संस्थानों द्वारा छात्रों के शोषण पर भाजपा मौन है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से ऐसे माफियाओं पर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जेपीएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार की शुरुआत भाजपा शासनकाल में हुई थी, जिसे वर्तमान गठबंधन सरकार पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रही है। केंद्र के प्रस्तावित खनिज अधिनियम के जरिए झारखंड को आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश की जा रही है।

आलोक दूबे ने कहा कि झारखंड की जनता अब भ्रम की राजनीति नहीं, बल्कि खनिज संपदा की रक्षा, युवाओं का सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी व्यवस्था चाहती है, जिसके लिए कांग्रेस मजबूती से खड़ी है।