रांची। राजधानी रांची में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरी राजधानी कृष्णमय हो गई। मंदिरों में सुबह से ही लोग पूजा अर्चना करने लगे। घरों में लोगों ने झूले सजाये और रात 12 बजे तक भगवान के जन्म का इंतजार किया। भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। रात 12 बजे के बाद पूजा अर्चना कर व्रत पूरा किया। शहर में कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव समिति के तत्वावधान में अलबर्ट एक्का चौक पर दो दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव (4 व 5 सितंबर) का भव्य आगाज हुआ। आयोजन का उद्घाटन समिति के मुख्य संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, संरक्षक सी पी सिंह, अजय मारू, अध्यक्ष मुकेश काबरा, महापौर रोशनी खलखो एवं उप महापौर नीरज कुमार सहित विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। आज शाम 4 बजे गणेश वंदना से शुरू हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे स्थल को इसी थीम पर सजाया गया। मथुरा, वृंदावन व कोलकाता से आए 40 से अधिक कलाकारों ने कृष्ण रासलीला, महारास और तांडव नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

150 से अधिक बच्चों (2 से 12 वर्ष) ने राधा-कृष्ण के रूप में सजकर बाल गोपाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

भगवान श्री कृष्ण को माखन-मिश्री, पंजीरी, बादाम व गिरी के लड्डू के साथ-साथ रागी और मड़वा के लड्डू का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।

6 वर्ष से ऊपर वर्ग: अदिति (प्रथम स्थान), अभिराज (द्वितीय स्थान)।

1 से 5 वर्ष वर्ग: गर्व कुमार (प्रथम पुरस्कार), टीटू कुमार (द्वितीय पुरस्कार)।

भाग लेने वाले सभी बच्चों के बीच सांत्वना पुरस्कार वितरित किए गए।

कार्यक्रम के दूसरे दिन शाम 3 बजे से 'नमो दही हांडी' प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जिसका उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार करेंगे। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया कि सुरक्षा कारणों से 18 वर्ष से कम उम्र के प्रतिभागी इसमें भाग नहीं ले सकेंगे। विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि इस प्रकार है।पुरुष गोबिंदा प्रथम पुरस्कार 71000/ रुपये एवं द्वितीय पुरस्कार 41000/ रुपये की राशि दी जाएगी।

वहीं महिला गोविंदा को प्रथम पुरस्कार में 51000/ रुपये की राशि एवं द्वितीय पुरस्कार में 31000/ रुपये की राशि दी जाएगी।

जगन्नाथपुर मंदिर में महाप्रभु का भव्य श्रृंगार, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रांची। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर श्री जगन्नाथ महाप्रभु, माता सुभद्रा एवं भ्राता बलभद्र स्वामी का अत्यंत मनमोहक एवं भव्य श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।

सुबह 5:00 बजे मंदिर के पट खुलते ही मंगल आरती की गई और जगन्नाथ अष्टकम के पाठ से मंदिर परिसर गूंज उठा। तड़के से ही महाप्रभु के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया। पूरे दिन 'जय श्री कृष्ण' और 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

महाप्रभु को सुंदर वस्त्र, आभूषण, अंगवस्त्र, मोर पंख और मुकुट से सुसज्जित किया गया। तुलसी और ताजे पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भगवान को दूध से बनी खीर, सूजी का हलवा, मिठाइयां, फल, नारियल और इलायची दाना का विशेष भोग चढ़ाया गया। दोपहर 12:00 बजे महाभोग लगाने के बाद दोपहर 12:10 बजे पट बंद किए गए। दोपहर 3:00 बजे मंदिर के पट पुनः खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अपराह्न 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक विशेष भक्ति संगीत कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु भजनों के जरिए महाप्रभु की भक्ति में लीन नजर आए। शाम को पूरा मंदिर परिसर रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से जगमगा उठा।

शाम 7:30 बजे पुनः मंगल आरती व जगन्नाथ अष्टकम पाठ के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। तत्पश्चात रात्रि 8:00 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए।