रांची। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी ने SIR प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री मनीर उराँव, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा एवं अनिल सिंह भी शामिल थे। ज्ञापन के माध्यम से भाजपा ने मुख्य रूप से कहा कि साहिबगंज के बरहेट प्रखंड में 3 सितंबर को आयोजित झामुमो की बैठक में प्रखंड विकास अधिकारी-सह-एईआरओ अंशु कुमार पाण्डेय की उपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई गई। भाजपा ने इसे प्रशासनिक तटस्थता का उल्लंघन बताते हुए साक्ष्यों के साथ उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में याद दिलाया गया कि इससे पहले भी साहिबगंज के उधवा प्रखंड में SIR प्रक्रिया के दौरान सरकारी कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका पर जांच व कार्रवाई हो चुकी है।

रांची विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों पर बीएलओ द्वारा मृत, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े 'फॉर्म-7' स्वीकार न करने की शिकायत की गई। पार्टी ने मांग की कि बीएलओ को सभी फॉर्म-7 अनिवार्य रूप से स्वीकार करने के निर्देश दिए जाएं।

राज्य सरकार द्वारा SIR के दौरान जाति, आय, निवास व EWS प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी करने के आदेश पर सवाल उठाए गए। पार्टी ने मांग की कि इनके आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दावों का कड़ाई से सत्यापन किया जाए।

कुछ संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर मतदाताओं की संख्या में हुई अप्रत्याशित वृद्धि और संदिग्ध नामों की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया गया।