बड़कागांव। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गुरुवार को बादम स्थित पंचबहिनी मंदिर परिसर में 'आजादी बचाओ आंदोलन' के बैनर तले विभिन्न खनन कंपनियों के खिलाफ एकदिवसीय संकल्प उपवास महासभा का आयोजन किया गया।

सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस उपवास कार्यक्रम में 20 से अधिक लोग अनशन पर बैठे। कार्यक्रम का शुभारंभ बापू और शास्त्री जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

महासभा को संबोधित करते हुए पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि गोंदलपुरा से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब केरेडारी और टंडवा तक फैल चुका है। यह आंदोलन अब जल, जंगल, जमीन और अस्तित्व की लड़ाई बन गया है, जिसके लिए क्षेत्र की जनता को एकजुट होना होगा। पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता ने जोर देकर कहा कि विस्थापन और शोषण के खिलाफ बड़कागांव, केरेडारी और टंडवा के लोगों को एक सुर में आवाज उठानी होगी। वहीं पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, जेएलकेएम नेता बालेश्वर कुमार और विजय साहू सहित अन्य वक्ताओं ने भी इस जन-आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन जताया।

आंदोलन की आगे की रूपरेखा साझा करते हुए विकास महतो उर्फ विनय ने बताया कि आगामी रणनीति जल्द तय की जाएगी। इसमें क्षेत्र में कंपनी अधिकारियों के आगमन का विरोध, मोटरसाइकिल रैली और बड़कागांव से विधानसभा तक पैदल मार्च जैसे कदम शामिल हैं।

कार्यक्रम के अंत में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर उपवास समाप्त कराया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ महासभा का समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे।