बरकाकाना (रामगढ़)। बरकाकाना ओपी क्षेत्र के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका स्पंज एंड आयरन फैक्ट्री में देर रात सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण टरबाइन में भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में घटनास्थल पर ही तीन इंजीनियरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री का मुख्य द्वार घेरकर प्रदर्शन किया और रामगढ़-पतरातू मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखा।
स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार फैक्ट्री में पानी से बिजली उत्पादन के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम के उपकरणों का तापमान नियंत्रित रखने के लिए एसी आवश्यक था, जिसे 30°C से कम रखना होता है। एसी खराब होने पर प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन मरम्मत कराने के बजाय वहां कूलर लगा दिया गया। इससे तापमान 50 से 60°C तक पहुंच गया, जिससे उपकरण निष्क्रिय हो गए और टरबाइन में जोरदार विस्फोट हो गया।
मृतकों में संजीत कुमार केसरी (रांची), अभिषेक पांडे (गढ़वा, नगर उटारी) और दिलीप/विनीत महतो (जागेश्वर, बिहार) के रहनेवाले थे।घायल तरुण रब्बानी का हजारीबाग के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी धरना स्थल पर पहुंचे और कहा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का जरा भी ध्यान नहीं रखा जाता। जेएलकेएम, माले, भाजपा और आजसू के कई प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे।
पतरातू अंचल अधिकारी मनोज कुमार चौरसिया, बरकाकाना ओपी प्रभारी उमाशंकर वर्मा और कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त को बुलाने और वार्ता न होने पर किए गए सड़क जाम को हटाने के लिए सीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए यातायात बहाल कराया। हालांकि, फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई पहल न होने पर ग्रामीणों ने दोबारा सड़क जाम कर दिया।
