​रांची। झारखंड फार्मास्यूटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (पीएमआरयू) ने राज्य में दवाओं की कीमतों पर प्रभावी निगरानी और आम लोगों को उचित मूल्य पर दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों में से यूनिट ने अब तक 97 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है।

​सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित पीएमआरयू की शासी निकाय की बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने संचालित सभी गतिविधियों की समीक्षा की और शेष लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान बताया गया कि केंद्र सरकार ने पीएमआरयू कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक विस्तारित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अवधि के दौरान कार्यों की गति और बढ़ाएं।

पीएमआरयू का मुख्य उद्देश्य बाजार में दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण रखना है। केंद्र सरकार द्वारा जिन दवाओं की अधिकतम कीमत (एमआरपी) तय की गई है, उनके नमूने लेकर जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर दवाएं न बेचे। दवाओं के तय मूल्यों से जुड़ी सभी जानकारियां भारत सरकार के आईपीडीएस 2.0 पोर्टल पर उपलब्ध हैं, जहां से कोई भी नागरिक दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य की जांच कर सकता है।

​इस बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक (औषधि) ऋतु सहाय, सहायक निदेशक राम कुमार झा समेत पीएमआरयू के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।