बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) द्वारा संचालित बोकारो जनरल अस्पताल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल की चार नर्सों और कुछ सफाई कर्मचारियों पर सामान्य डिलीवरी के एवज में 40 हजार रुपये मांगने तथा रुपये न देने पर नवजात को 2 लाख रुपये में बेचने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। मामला उजागर होने और इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चास एसडीओ तथा बोकारो स्टील प्रबंधन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार सर्कस मैदान निवासी मनोज बाउरी की पत्नी सोनी कुमारी को प्रसव के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। सोनी कुमारी का आरोप है कि प्रसव के बाद अस्पताल की चार नर्सों और कुछ सफाई कर्मचारियों ने उनसे 40 हजार रुपये की मांग की।

जब उन्होंने आर्थिक असमर्थता जताई, तो आरोपी कर्मचारियों ने उन्हें नवजात शिशु को 2 लाख रुपये में बेचने का सुझाव दिया। सोनी कुमारी के अनुसार जब उन्होंने यह बात अपने पति को बताई तो पति ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि जब पहले से दो बेटियों का लालन-पालन कर रहे हैं, तो बेटे के पालन-पोषण में क्या दिक्कत है।

मामले से संबंधित वीडियो वायरल होते ही प्रशासनिक और अस्पताल प्रबंधन के गलियारों में हड़कंप मच गया। एसडीओ चास और बोकारो स्टील प्रबंधन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अलग-अलग जांच के निर्देश जारी किए हैं।

सेक्टर-4 थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि एसडीओ के आदेश पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में फिलहाल इस तरह की बात सामने नहीं आई है, लेकिन पूरी विस्तृत जांच के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।

बोकारो जनरल अस्पताल के इतिहास में इस तरह का गंभीर आरोप पहली बार लगा है, जिससे यह पूरा मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल प्रबंधन और पुलिस दोनों स्तरों पर मामले की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।