रांची: जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ सोमवार को राजधानी रांची में युवाओं का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। राज्यभर से आए हजारों छात्र-छात्राओं ने सुबह 10 बजे पुराने विधानसभा स्थल पर जुटने के बाद जगन्नाथपुर से विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। पुलिस द्वारा लगाए गए कंटीले तारों और भारी बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए उग्र छात्र सीधे विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए कई बार लाठीचार्ज किया, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले दागे। लाठीचार्ज में कई छात्रों के सिर में चोटें आईं और मौके पर भगदड़ मच गई। जवाब में छात्रों की ओर से भी जूते, चप्पल और पत्थर फेंके जाने की खबर है, जिससे पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। छात्रों ने पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लाठीचार्ज के दौरान घटनास्थल पर मौजूद और कवरेज कर रहे कई मीडिया कर्मी भी पुलिस की लाठियों का शिकार हो गए। उसी दौरान बल प्रयोग करती पुलिस की चपेट में कुछ पत्रकार भी आ गए। इस लाठीचार्ज से आक्रोशित आंदोलनकारियों ने मंत्रियों से किसी भी तरह की वार्ता से साफ इनकार कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बर्बर लाठीचार्ज कराया गया है, इसलिए अब बात सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही होगी। विधानसभा घेराव के दौरान मौसम ने भी प्रदर्शनकारियों का साथ नहीं दिया। तेज बारिश के बावजूद कई छात्र तिरंगा और मांगों से जुड़े बैनर लेकर प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से वापस लौटने और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने की अपील की जाती रही।
