रांची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए तकनीकी और कार्यान्वयन संबंधी सहयोग को गति देगा। इसके लिए दोनों के बीच सोमवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गये।

तीन साल के इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार करना, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना और पूरे झारखंड में मातृ, नवजात, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाना है। इस साझेदारी के तहत, फाउंडेशन पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में अपनी 'मैटरनल एंड न्यूबॉर्न सर्वाइवल इनिशिएटिव प्लस' पहल को लागू करना जारी रखेगा। इसके अलावा, 'प्रोजेक्ट स्वस्थ' के माध्यम से, फाउंडेशन दुमका, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिलों में एनएचएम तथा झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग को रणनीतिक, तकनीकी-प्रबंधकीय और पर्यवेक्षण संबंधी सहयोग प्रदान करेगा। यह सहयोग छह मुख्य स्तंभों पर काम करेगा। इनमें स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवा वितरण, सामुदायिक स्तर पर सेवा वितरण, स्वास्थ्य प्रशासन, स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और सार्वजनिक-निजी भागीदारी तथा स्वास्थ्य वित्तपोषण शामिल हैं।

एमओयू पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. प्रभात कुमार और टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य परिचालन अधिकारी देबदूत मोहंती ने हस्ताक्षर किए। मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के साथ-साथ झारखंड सरकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और टाटा स्टील फाउंडेशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।